गंगाजी की धारा सहरा में !

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इस बार की यू.ए,ई. यात्रा के दौरान शारजाह में पत्रकारिता के कार्य से जुड़े श्री ‎इमरान ‎मुजीब से मुलाक़ात करने का सुंदर योग बना। दरअसल, मुजीब साहब ने मेरे कुछ लेख ‘पटना डेली’ में देखे-पढ़े थे और उन्हें पसंद किया था। वे मूलतः बिहार से हैं और  पिछले लगभग 20 वर्षों से शारजाह से प्रकाशित होने वाले ‘गल्फ टुडे’ में स्पेशल कोरेस्पोंडेंट के पद पर कार्य कर रहे हैं। जब उन्हें यह ज्ञात हुआ कि मैं इस समय अजमान/यू.ए.ई. में हूँ तो ‘पटना डेली’ के सम्पादक से मेल द्वारा सम्पर्क कर मेरा पता दरियाफ्त किया। ‘पटना डेली’ के सम्पादक ने यह मेल मुझे फॉरवर्ड किया और इस तरह से हमारी मुलाकात का योग बन गया।

इमरान मुजीब बिहार के ऐतिहासिक शहर मोतीहारी के रहने वाले हैं। साहित्य के प्रति लगाव और झुकाव इनको विरासत में मिला है। फलतः घर-परिवार के साहित्यिक माहौल ने इनमें अनायास ही पत्रकारिता के प्रति रुचि जागृत की और इन्होंने इसे अपना पूर्णकालिक कैरियर बनाकर पत्रकारिता की दुनिया में अपना मार्ग प्रशस्त किया।

1995 में मोतीहारी के एमएस कॉलेज से बीएससी (ऑनर्स) कर लेने के पश्चात इन्होंने पत्रकारिता का कोर्स भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से पूरा किया। इस कोर्स ने इन्हें साहित्य से जुड़े एक नये आयाम से अवगत कराया और मीडिया के क्षेत्र में कार्य करने की प्रेरणा दी। दिल्ली में दो साल के प्रवास के दौरान मुजीब आल इंडिया रेडियो के साथ जुड़े रहे और कई प्रकाशन-संस्थानों के लिए लेखन-कार्य करने के अलावा यूनाइटेड न्यूज़ इंडिया (यूएनआई) में भी कुछ समय तक काम किया।

एक नई दुनिया से रू-ब-रू होने का संयोग उन्हें 1997 में शारजाह (संयुक्त अरब अमीरात) ले आया, जहां वे अंग्रेजी दैनिक “द गल्फ टुडे” से जुड़ गए और इस तरह से वैश्विक संस्कृति के वे निकट आ गये। अच्छी जगह और अच्छे अखबार के साथ जुड़ने के कारण उनकी सामाजिक-राजनीतिक सोच और रूचि का विस्तार हुआ और  उनकी यह रुचि भारत के पड़ोसी देशों: पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान और नेपाल के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य को और अधिक निकट से समझने में  नये आयाम लेती गयी।

Imran Mojib and Shiben K Raina at the former's residence in Sharjah.Imran Mojib and Shiben K Raina at the former's residence in Sharjah.मुजीब से मुलाक़ात के दौरान कई विषयों पर चर्चा हई। मीडिया की विश्वसनीयता,प्रिंट मीडिया का भविष्य, लेखक और मीडिया का परस्पर सम्बन्ध आदि ऐसे कई विषय उभर कर आये जिन पर विचार करने के उपरान्त हमारी प्रधान सहमति यह बनी कि आज के दौर में प्रिंट मीडिया पर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया अवश्य भारी पड़ रहा है। विश्व के सामने इस समय जो राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर की चुनौतियाँ हैं, उनपर भी विचार-विमर्श हुआ। कश्मीर समस्या को सुलझाने के  विकल्पों पर भी हम ने खुल कर बात की। यू.ए.ई. में व्याप्त साहित्यिक माहौल, हिंदी की स्थिति, कवि सम्मेलनों और मुशायरों के आयोजन आदि पर भी प्रसंगवश चर्चा हुई।

मुजीब मुझे निहायत ही खुशमिजाज, सुसंस्कृत और प्रगतिशील विचारों के व्यक्ति लगे। उनका मानना है कि यू.ए.ई. में आकर वे अपने वतन (बिहार) से दूर तो हो गए मगर एक नई और बेहतर दुनिया में पैर रखकर उन्हें बहुत कुछ सीखने और आत्मसात करने का अवसर मिला है। बाहरी दुनिया से जुड़ने का जो नायाब अवसर उन्हें मिला है, उससे वे बहुत संतुष्ट और प्रसन्न हैं। 


Dr. Shiben Krishen Raina

Currently in Ajman (UAE)

Member, Hindi Salahkar Samiti,
Ministry of Law & Justice (Govt. of India)
Senior Fellow, Ministry of Culture (Govt. of India)

Dr. Raina's mini bio can be read here: http://www.setumag.com/2016/07/author-shiben-krishen-raina.html

 

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