इतिहास गवाह है कि दुनिया में हमेशा शक्तिशाली देश अथवा योद्धा ने राज किया है। माला जपने, मंत्रोच्चार और शांति-उपदेशों से लड़ाइयां नहीं जीती जा सकती। समय आ गया है जब शठ को शठता से ही निपटना होगा। सांप काटे नहीं मगर फूत्कारे तो सही।

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कश्मीर की आदि संत कवयित्री ललद्यद (चौदहवीं शताब्दी) कश्मीरी भाषा-साहित्य की विधात्री मानी जाती हैं। ललेश्वरी, लल, लला, ललारिफा, ललदेवी आदि नामों से विख्यात इस कवयित्री को कश्मीरी साहित्य में वही स्थान प्राप्त है जो हिंदी में कबीर को है। इनकी कविता का छंद ‘वाख’ कहलाता है जिसमें उन्होंने अनुभवसिद्ध ज्ञान के आलोक में आत्मशुद्धता, सदाचार और मानव-बंधुत्व का ऐसा पाठ पढ़ाया जिससे कश्मीरी जनमानस आज तक देदीप्यमान है। 

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Research reveals that the use of internet by social media lovers, especially from among the younger generation, has gone up over the years and thus giving rise to some kind of disadvantages. Therefore, naturally, educators and parents are worried and need to find a way to not dismiss it completely, but at least propose some measures to shield the younger generation from this growing menace.

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एक बार फिर दिल्ली के निर्भया कांड की याद ताजा हो गयी। इस बार यह घृणित कृत्य मन्दसौर में एक मनुष्य-रूपी हैवान ने अंजाम दिया।

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कहते हैं कि मुग़ल बादशाह जहांगीर जब पहली बार कश्मीर पहुंचे तो उनके मुंह से सहसा निकल पड़ा "जन्नत अगर कहीं है, तो वह यहीं है, यहीं है, यहीं है।" भारत का मुकुटमणि, धरती का स्वर्ग, यूरोप का स्विट्ज़रलैंड, कुदरत की कारीगरी और  अकूत खूबसूरती का खजाना, पहाड़, झीलें, वनस्पति, हरियाली, महकती पवन... ऐसा लगता है मानो पूरा-का-पूरा ‘स्वर्ग’ धरती पर उतर आया हो! यह नजारा है कश्मीर की धरती का. तभी तो इसे धरती का ‘स्वर्ग’ कहा जाता है।

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Author with former President Shankar Dayal Sharma.

One of my students sent me an interesting information on WhatsApp. The information was as follows: In the year 1994 the then President of India, Late Shankar Dayal Sharma, was on an official visit to Muscat (Oman). The moment Air India plane landed at the airport, three interesting incidents happened:

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The holy days of Ramadan/Ramzaan are to begin shortly and shall eventually conclude with the festivity of Eid. The entire Ramazan-month carries the message of service to mankind. More precisely the message is: let the hearts be filled with love, souls with compassion and minds with wisdom. In short, it is a call to uphold and abide by basic human values and respect humanity.

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कश्मीर घाटी में पिछले कुछेक महीनों से अगरचे आतंकी हमलों में तेज़ी आयी है मगर उसी रफ़्तार से आंतकवादियों और जिहादियों का सुरक्षाकर्मियों द्वारा खात्मा भी किया जा रहा है। सुना है सीमा पर अत्यधिक चौकसी के कारण सीमापार से आतंकियों की घुसपैठ में कमी तो आ गयी है मगर आतंकी संगठन स्थानीय तौर पर अब युवाओं को वर्गला कर अपने संगठन में शामिल करने के लिए बराबर प्रयासरत हैं।

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Corruption is one of the biggest threats to the well-being of a society. Lord Buddha was right when he said that Desire is the root cause of all sufferings in this world. In corruption, too, desire is the main incitement to induce a person to this scornful activity.

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I take pleasure in recalling my era when bicycle used to be a great means of conveyance. A great symbol of prestige and a great source of the pleasurable ride. So much was the importance of this great two-wheeler that the bicycle was one of the major items to be offered to the bridegroom in the dowry. Only a few would have the proud privilege of owning a bicycle.

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General Cariappa with Prime Minister Jawaharlal Nehru.

(एक मित्र की सुंदर पोस्ट मेरे पास आई। पोस्ट अंग्रेजी में थी। हिंदी जानने वालों के लिए इस पोस्ट का अंग्रेजी से हिंदी में रूपान्तर किया है। अवश्य पढ़ें।)

1947 में ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता प्राप्त करने के तुरंत बाद भारत के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने भारतीय सेना के पहले सेनाध्यक्ष का चयन करने के लिए वरिष्ठ सेना-अधिकारियों की एक बैठक बुलाई।

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आसाराम-प्रकरण की टीवी चैनलों पर, अखबारों में, गली-मुहल्लों में, घर-घर में, इधर-उधर सब जगह चर्चा है। साधू-संतों का चूंकि हमारे समाज और हमारी संस्कृति में हमेशा से ही सम्मानीय स्थान रहा है, अतः ‘सन्त’ के आचरण से जुड़ी कोई भी अनहोनी बात जनता के लिए तुरंत चर्चा का विषय बन जाती है।

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As we keep on using them, modern-day house-hold items like refrigerator, washing-machine, toaster, TV, and for that matter, any other electric or electronic device is liable to malfunction at any point of time. The reason could be anything: mishandling, misuse, or any other inexplicable issue.

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