The holy days of Ramadan/Ramzaan are to begin shortly and shall eventually conclude with the festivity of Eid. The entire Ramazan-month carries the message of service to mankind. More precisely the message is: let the hearts be filled with love, souls with compassion and minds with wisdom. In short, it is a call to uphold and abide by basic human values and respect humanity.

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कश्मीर घाटी में पिछले कुछेक महीनों से अगरचे आतंकी हमलों में तेज़ी आयी है मगर उसी रफ़्तार से आंतकवादियों और जिहादियों का सुरक्षाकर्मियों द्वारा खात्मा भी किया जा रहा है। सुना है सीमा पर अत्यधिक चौकसी के कारण सीमापार से आतंकियों की घुसपैठ में कमी तो आ गयी है मगर आतंकी संगठन स्थानीय तौर पर अब युवाओं को वर्गला कर अपने संगठन में शामिल करने के लिए बराबर प्रयासरत हैं।

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Corruption is one of the biggest threats to the well-being of a society. Lord Buddha was right when he said that Desire is the root cause of all sufferings in this world. In corruption, too, desire is the main incitement to induce a person to this scornful activity.

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I take pleasure in recalling my era when bicycle used to be a great means of conveyance. A great symbol of prestige and a great source of the pleasurable ride. So much was the importance of this great two-wheeler that the bicycle was one of the major items to be offered to the bridegroom in the dowry. Only a few would have the proud privilege of owning a bicycle.

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General Cariappa with Prime Minister Jawaharlal Nehru.

(एक मित्र की सुंदर पोस्ट मेरे पास आई। पोस्ट अंग्रेजी में थी। हिंदी जानने वालों के लिए इस पोस्ट का अंग्रेजी से हिंदी में रूपान्तर किया है। अवश्य पढ़ें।)

1947 में ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता प्राप्त करने के तुरंत बाद भारत के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने भारतीय सेना के पहले सेनाध्यक्ष का चयन करने के लिए वरिष्ठ सेना-अधिकारियों की एक बैठक बुलाई।

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आसाराम-प्रकरण की टीवी चैनलों पर, अखबारों में, गली-मुहल्लों में, घर-घर में, इधर-उधर सब जगह चर्चा है। साधू-संतों का चूंकि हमारे समाज और हमारी संस्कृति में हमेशा से ही सम्मानीय स्थान रहा है, अतः ‘सन्त’ के आचरण से जुड़ी कोई भी अनहोनी बात जनता के लिए तुरंत चर्चा का विषय बन जाती है।

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As we keep on using them, modern-day house-hold items like refrigerator, washing-machine, toaster, TV, and for that matter, any other electric or electronic device is liable to malfunction at any point of time. The reason could be anything: mishandling, misuse, or any other inexplicable issue.

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The history of mankind is replete with such mixed instances, impressions and incidents where Kings have been projected with different assessments and approaches. Some Kings and Rulers stand out for their commendable integrity and benevolence while as some are still remembered for their tyrannical rule and despotism.

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किसी भी परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र बनने से लेकर प्रश्नपत्र वितरण तक की प्रक्रिया कई चरणों से होकर गुज़रती है। प्रश्नपत्र बनाने वाले की नियुक्ति, प्रेस में पूर्ण गोपनीयता के साथ प्रश्नपत्र का मुद्रण, प्रश्नपत्रों की पैकिंग, परीक्षा-केन्द्रों तक मुद्रित प्रश्नपत्रों के पैकेट्स की समय पर रवानगी आदि-आदि।

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अक्सर व्यक्ति की प्रशंसा उसकी योग्यता के कारण होती है जो वास्तविक प्रसंशा कहलायेगी। कइयों की उनके ‘उपयोगितापरक’ पद पर आसीन होने के कारण होती है जो मात्र चापलूसी कहलाएगी। कुछ लोग समारोहों में औपचारिकता निभाने के लिए या फिर शिष्टाचारवश भी अगले की प्रशंसा में शब्दकोश लुटा देते हैं। यों, कभी-कभी ऊंचे या गरिमाशाली पद पर आसीन रहने वालोँ की भी मन मार कर प्रशंसा करनी पडती है।

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जब भी मैं दुबई आता तो यहाँ के विश्वविख्यात ‘ग्लोबल विलेज' यानी ‘विश्व ग्राम’ को देखना किसी कारण से संभव नहीं हो पाता था। इस बार समय निकाल कर इस भव्य, दर्शनीय, नयनाभिराम और अद्भुत विश्व-ग्राम  को देखने का अवसर मिला।

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एक आदमी घर लौट रहा था। रास्ते में गाड़ी खराब हो गयी। रात काफी हो चुकी थी। एकदम घना अंधेरा था। मोबाइल का नेटवर्क भी उपलब्ध नहीं था। ना कोई आगे ना कोई पीछे। उसने गाड़ी साइड में लगा दी और लिफ्ट के लिये किसी गाड़ी का इंतज़ार करने लगा।

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कश्मीर की आदि सन्त कवयित्री योगिनी ललद्यद (१४वीं शती) निःसन्देह संसार की महानतम आध्यात्मिक विभूतियों में से एक थीं, जिसने अपने जीवनकाल में ही परमविभु का मार्ग खोज लिया था और ईश्वर के धाम /प्रकाशस्थान में प्रवेश कर लिया था। वह जीवनमुक्त थी तथा उसके लिए जीवन अपनी सार्थकता एवं मृत्यु अपनी भयंकरता खो चुके थे । उसने ईश्वर से एकनिष्ठ होकर प्रेम किया था और उसे अपने में स्थित पाया था (खुछुम पंडित पननि गरे)।

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