30 जुलाई 2019 का दिन इतिहास में दर्ज हो गया। तीन तलाक विधेयक को राज्य सभा ने अपनी मंजूरी दे दी। लोक सभा से इस बिल को पहले ही मंजूरी मिल गयी थी। सचमुच, महिला सशक्तीकरण की दिशा में उठाया गया यह एक अभूतपूर्व कदम है! तुष्टीकरण के चलते जो न्याय पिछली सरकारें शाहबानो को नहीं दे पायीं थी, वह चिरप्रतीक्षित न्याय वर्तमान सरकार ने शाहबानो के हवाले से मुस्लिम महिलाओं को लगभग 34 वर्ष बाद दिला दिया।

किसी ज़माने में संपादक की ओर से लेखक के लिए यह फौरी हिदायत होती थी कि भेजी गई रचना मौलिक, अप्रकाशित हो और अन्यत्र भी न भेजी गई हो। पता लिखा/टिकट लगा लिफाफा रचना के साथ संलग्न करना आवश्यक होता था अन्यथा अस्वीकृति की स्थिति में रचना लौटाई नहीं जा सकती थी। रचना के प्रकाशन के बारे में लगभग तीन माह तक जानकारी हासिल करना भी वर्जित था।रचना छपती तो मन बल्लियों उछलता और अगर लौट आती तो उदासी और तल्खी कई दिनों तक छाई रहती।

सरकार बदलने के साथ ही बहुत सारी बातें अनायास ही बदल जाती हैं या अमल में आती हैं. नयी नीतियाँ, नये नियम, नये आदेश, नये लोग, और नयी समझ का आगाज़ होता है. यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है क्योंकि “तिल तिल नूतन होय” वाला आप्त-वचन प्रकृति और राजनीति दोनों पर लागू होता है.

चीन पर पड़े अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण उसकी हठ-धर्मिता को झुकना पड़ा और यूएन ने कुख्यात आतंकी मसूद अजहर को 'ग्लोबल टेररिस्ट' घोषित कर दिया। इसे भारत की कूटनीतिक विजय ही माना जाएगा। कुछ मित्रों का कहना है कि मसूद को बीजेपी की सरकार ने ही तो आतंकियों को सौंप दिया था आदि।

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती जेकेएलएफ के अलगाववादी नेता यासीन मलिक की जेल से रिहाई के लिए गुहार लगा रही है। (शायद धरने पर भी बैठी है।) यह वही अलगाववादी नेता यासीन मलिक है जिसपर 25 जनवरी 1990 में भारतीय वायुसेना कर्मियों पर आतंकी हमले में शामिल होने का आरोप है। इस हमले में वायुसेना के स्क्वाड्रन लीडर रवि खन्ना सहित चार वायुसेना कर्मियों की मौत हो गई थी, जबकि 10 वायुसेना कर्मी जख्मी हो गए थे। और भी कई संगीन आरोप हैं इस अलगाववादी मलिक पर।

लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के बाद विपक्ष ने ईवीएम के इस्तेमाल पर प्रश्न चिन्ह लगाया है। रविवार को 21 पार्टियों ने नई दिल्ली में लोकतंत्र बचाओ बैनर के तले प्रेस कांफ्रेंस कर ईवीएम को लेकर गंभीर आरोप लगाए। विपक्षी दलों के नेताओं ने चुनाव आयोग को ईवीएम की गड़बड़ी के विरोध में ज्ञापन दिया। निस्तारण नहीं हुआ तो मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की घोषणा भी की। 

टीवी चैनलों पर दिखाई जाने वाली बहसों का मुख्य उद्देश्य होना चाहिए विचार-मंथन द्वारा जनता के सोच या फिर उसके चिन्तन का सही-सही प्रतिनिधित्व करना ताकि श्रोता/दर्शक के ज्ञान में इज़ाफा हो। अन्य प्रकार के विषयों यथा विज्ञान, समाजशास्त्र, पर्यावरण, कला-साहित्य आदि से जुडी बहसों में एंकर आत्मपरक हो सकता है, मगर राजनीतिक विषयों और खासतौर पर समसामयिक और अति संवेदनशील मुद्दों पर होने वाली बहसों में उसका निष्पक्ष और वस्तुपरक होना अति आवश्यक है।

केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) को 'आतंक विरोधी कानून' के तहत बैन कर दिया है और इसके सरगना यासीन मल्लिक को देशविरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए नजरबंद कर दिया है.

पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण अड्डे पर भारतीय वायु सेना के हमले में मरे आतंकवादियों की संख्या/गिनती के बारे में पिछले कुछ दिनों से बहसबाजी हो रही है। एक बात समझ में नहीं आरही। वायुसेना बमवर्षा कर सकुशल अपने क्षेत्र में तुरत-फुरत लौटने का यत्न करेगी या लाशों की गिनती करने में जुट जायगी?