मालदीव से बिटिया का फोन आया कि लगभग दस दिनों के लिए हम अलवर आ रहे हैं। प्रशांत ने जयपुर के निकट मनोहरपुर/बिशनगढ़ में बने अति चर्चित और भव्य "अलीला" रिसोर्ट में दो नाइट्स की एडवांस बुकिंग भी की है। आप दोनों के लिए अलग से कमरा भी बुक करा दिया है। ना मत करना।

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प्रायः अनुभव किया गया है कि हमारे देश की कई सारी सामाजिक संस्थाओं के नाम ख़ास तौर पर होस्टलों के नाम जातियों पर रखे गये मिलेंगे। मसलन जाट होस्टल, राजपूत होस्टल, ब्राह्मण छात्रावास, मीणा छात्रावास, यादव होस्टल आदि-आदि ।

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चौंसठ कश्मीरी पंडितों ने अनुच्छेद 370 हटाये जाने के विरोध में एक वक्तव्य जारी किया है। ये वही लोग हैं जो हर-हमेशा लाभ के पदों पर रहे हैं और पण्डितों के विस्थापन का दंश जिन्होंने कभी झेला नहीं।

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पांच अगस्त २०१९ का दिन भारतीय इतिहास के पन्नों में स्वर्ण-अक्षरों में लिखा जायगा। जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्जा देने वाली संविधान की धारा ३७० को हटाने के प्रस्ताव को राज्य-सभा ने अपनी मंजूरी दे दी। सचमुच, यह एक ऐतिहासिक फैसला है जिस पर कई दिनों से कई तरह की अटकलें लग रही थीं।

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It is disturbing to find that a large population of the country is suffering either from one or more communicable or non-communicable diseases. Data, in fact suggest that non-communicable diseases are fast taking greater number of people into its grip. The ever-growing number of patients of Cancer, CVD, Diabetes, Liver and Kidney ailment vindicates this point.

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30 जुलाई 2019 का दिन इतिहास में दर्ज हो गया। तीन तलाक विधेयक को राज्य सभा ने अपनी मंजूरी दे दी। लोक सभा से इस बिल को पहले ही मंजूरी मिल गयी थी। सचमुच, महिला सशक्तीकरण की दिशा में उठाया गया यह एक अभूतपूर्व कदम है! तुष्टीकरण के चलते जो न्याय पिछली सरकारें शाहबानो को नहीं दे पायीं थी, वह चिरप्रतीक्षित न्याय वर्तमान सरकार ने शाहबानो के हवाले से मुस्लिम महिलाओं को लगभग 34 वर्ष बाद दिला दिया।

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किसी ज़माने में संपादक की ओर से लेखक के लिए यह फौरी हिदायत होती थी कि भेजी गई रचना मौलिक, अप्रकाशित हो और अन्यत्र भी न भेजी गई हो। पता लिखा/टिकट लगा लिफाफा रचना के साथ संलग्न करना आवश्यक होता था अन्यथा अस्वीकृति की स्थिति में रचना लौटाई नहीं जा सकती थी। रचना के प्रकाशन के बारे में लगभग तीन माह तक जानकारी हासिल करना भी वर्जित था।रचना छपती तो मन बल्लियों उछलता और अगर लौट आती तो उदासी और तल्खी कई दिनों तक छाई रहती।

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